6.5 रुपए में बैंक फ्रॉड जैसी साइबर धोखाधड़ी से आपको मिलेगी सुरक्षा - Bichhu.com

6.5 रुपए में बैंक फ्रॉड जैसी साइबर धोखाधड़ी से आपको मिलेगी सुरक्षा

नई दिल्ली, बिच्छू डॉट कॉम
कोरोना संक्रमण काल में बचाव के लिए सरकार द्वारा लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ही देश में लगभग सभी गतिविधियां रुक सी गई थी। ऐसे में कई लोग ऐसे भी थे, जो वर्क फ्रॉम होम की तर्ज पर काम कर रहे थे। पर अचानक लॉकडाउन की घोषणा से कई लोग ऐसे भी थे जो वर्क फ्रॉम होम के लिए तैयार नहीं थे। कारण था कम्प्यूटर अथवा लैपटाप का न होना। ऐसी ही एक घटना में एक व्यक्ति एस मोहन एंड कंपनी ने भी रिमोट वर्किंग की घोषणा की। चूंकि सबकुछ बंद हो चुका था और ऐसे में समीर को एक लैपटॉप खरीदना था। इसलिए वो कई आॅनलाइन वेबसाइट पर लैपटॉप की जानकारी लेता था। ऐसे में एक दिन उसे एक लैपटॉप के लिए एक ईमेल आया। जिसमें उसे उनका मनपसंद ब्रांड बेहद आकर्षक दाम पर मिल रहा था। इस पॉलिसी को डिजिटल रूप से सक्रिय सभी व्यक्तियों द्वारा सस्ती दर पर खरीदा जा सकता है। इसका प्रीमियम 6.5 रुपए प्रति दिन से लेकर 65 रुपए प्रति दिन तक है। पॉलिसीधारक द्वारा चुने गए कवर के लिए बीमित राशि 50,000 रुपए से 10,000,000 तक होती है। पॉलिसी 1 वर्ष की अवधि के लिए बच्चों सहित पूरे परिवार को कवरेज प्रदान करती है।

इस लैपटॉप को खरीदने के लिए उसे अपनी क्रेडिट कार्ड की जानकारी देनी थी, लैपटॉप देने वाली कंपनी लॉकडाउन में भी केवल 48 घंटों में होम डिलिवरी का आॅप्शन दे रही थी। इसलिए उसने लैपटॉप क्रेडिट कार्ड से खरीद लिया। लेकिन जब अगली सुबह उसके मोबाइल पर मैसेज आया कि उसके क्रेडिट कार्ड की लिमिट जो 3 लाख रुपए की थी वो खत्म हो गई है। तब पता लगा कि मोहन को केवल एक रात में 3.75 लाख रुपए का चूना लग चुका है। इसलिए लोगों को ऐसी स्थिति से बचाने के लिए देश की अग्रणी नॉन लाइफ इंश्योरेंस कंपनी आईसीआईसीआई लोमबार्ड जनरल इंश्योरेंस ने रिटेल साइबर लायबिलिटी इंश्योरेंस पॉलिसी पेश की है। कंपनी की यह पॉलिसी आपको और आपके परिवार को किसी भी तरह के साइबर अपराध के जोखिम से बचाती है। यह लोगों को आॅनलाइन फ्रॉड से लेकर किसी भी तरह की आॅनलाइन वित्तीय गड़बड़ियों से बचाती है।

बहुत बड़ा है डिजिटल मार्केट
भारत एक तेजी से बढ़ता हुआ डिजिटल मार्केटप्लेस है। एप डाउनलोड के मामले में भारत पूरी दुनिया दूसरा सबसे बड़ा देश है। जहां 180 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं, अगर फोन पर लेन-देन की बात करें तो भारत में करीब 1 ट्रिलियन से ज्यादा यूपीआई ट्रांजैक्शन होते हैं। शायद यहीं वजह है कि भारत में साइबर अटैक के मामले भी ज्यादा आते हैं। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक साइबर अटैक के मामलों में एक महीने में करीब 86 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया है। मार्च और अप्रैल की बात करें तो चीन बेस्ड अटैकर्स के करीब 43,300 से ज्यादा मामले सामने आए हैँ। अथॉरिटी के मुताबिक साइबर अटैक के हमलों का उद्देश्य लोगों को इंटरनेट सेवा से वंचित करना, प्रोटोकॉल का अपहरण और फिशिंग जैसी चीजे करना है। भारत में पिछले 12 महीनों में साइबर अटैक के माध्यम से परोक्ष या प्रत्यक्ष रुप में करीब 1.24 ट्रिलियन का नुकसान हुआ है। अकेले 2019 में कुल 131.2 मिलियन साइबर क्राइम पीड़ित थे, जिनमें से 63% आर्थिक रूप से प्रभावित थे।

मिलती हैं तमाम सुरक्षाएं
कंपनी ने अपने उत्पाद को साइबरबेट की स्थिति में नुकसान के खिलाफ डिजिटल दुनिया को सुरक्षित करने के लिए डिजाइन किया गया है। कवरेज में ये सभी सुरक्षाएं शामिल होंगी।
चोरी की पहचान
साइबर-धमकी
साइबर जबरन वसूली
मैलवेयर घुसपैठ

बैंक खाते, क्रेडिट कार्ड और मोबाइल वॉलेट के अनधिकृत और धोखाधड़ी से उपयोग के कारण वित्तीय नुकसान
प्रतिष्ठा की हानि- इंटरनेट से हानिकारक प्रकाशन को हटाने के साधनों के साथ डिजिटल प्रतिष्ठा को बहाल करने में किए गए सभी खर्चों का भी दावा किया जा सकता है। व्यक्तिगत रूप से खोया हुआ धन- यदि कोई व्यक्ति अपना धन खो देता है जो अन्यथा अर्जित किया जाता है, तो आवश्यक रूप से किसी भी कवर किए गए जोखिम से उत्पन्न होने वाले तथ्यों को ठीक करने के लिए काम में जाया जा सकता है।

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