लॉकडाउन के बाद बदली बदली नजर आएगी टीम इंडिया - Bichhu.com

लॉकडाउन के बाद बदली बदली नजर आएगी टीम इंडिया

Team India will be seen to change after lockdown

14 साल बाद हटेगा जर्सी से ये निषान.…..

मुंबई (बिच्छू डॉट कॉम)।लॉकडाउन के बाद जब टीम इंडिया मैदान में नजर आएगी तो कुछ बदलाव भी नजर आएंगे… यह बदलाव  खिलाड़ियों की जर्सी में होगा… जिसमें पिछले 14 सालों से बना एक परमानेंट निशान गायब होगा। 

आपको बतादें कि टीम इंडिया की नीले रंग की जर्सी पर एक निशान पिछले 14 सालों से है. धोनी, विराट, रोहित शर्मा जब भी मैदान पर उतरते हैं तो उनकी जर्सी पर वो निशान हमेशा चमकता रहता है लेकिन अब 14 साल बाद वो लोगो टीम इंडिया की जर्सी से हट सकता है। हम बात कर रहे हैं बीसीसीआई की किट पार्टनर नाइकी की, जिसका कॉन्ट्रैक्ट बीसीसीआई के साथ खतरे में पड़ गया है। इसकी वजह कोरोना वायरस के चलते हुआ लॉकडाउन भी है। 

इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय क्रिकेट टीम जल्द ही जर्सी पार्टनर नाइकी को अलविदा कह सकती है. इसकी वजह बीसीसीआई और नाइकी के बीच कॉन्ट्रैक्ट विवाद है। बता दें नाइकी की बीसीसीआई से मौजूदा डील सितंबर में खत्म हो रही है। नाइकी ने चार साल की डील के लिए 370 करोड़ रुपये दिये थे। जिसमें 85 लाख प्रति मैच फीस थी और साथ ही 12-15 करोड़ की रॉयल्टी भी इसमें शामिल थी। लेकिन कोरोना वायरस फैलने के बाद नाइकी को खासा नुकसान हुआ है। लॉकडाउन की वजह से मैच रद्द हुए और अब नाइकी चाहती है कि उसका करार बीसीसीआई बढ़ाए। सूत्रों के मुताबिक बोर्ड इसके लिए तैयार नहीं है और वो जल्द ही इसके लिए नया टेंडर ला सकती है।

बता दें लॉकडाउन के दौरान टीम इंडिया के 12 इंटरनेशनल मैच रद्द हुए हैं। जिसमें साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज शामिल है. साथ ही टीम इंडिया को श्रीलंका दौरे पर भी जाना था. जिम्बाब्वे से भी उसे सीरीज खेलनी थी। डील के मुताबिक नाइकी कंपनी टीम इंडिया को जूते, जर्सी और दूसरा साजो-सामान मुफ्त में मुहैया कराती है। साथ ही टीम इंडिया की जर्सी पर उनका लोगो रहता है। बता दें नाइकी और बीसीसीआई के बीच साल 2006 में पहली बार डील हुई थी, तभी से ये कंपनी टीम इंडिया को जर्सी और जूते मुहैया करा रही है, लेकिन अब ये बीसीसीआई और नाइकी का रिश्ता टूटने की कगार पर पहुंच गया है।

बता दें बाजार के एक्सपर्ट्स का मानना है कि बीसीसीआई शायद ही नाइकी को कोई रियायत देगी और ना ही वो उसे डिस्काउंट देगी. हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि बीसीसीआई को कंपनियों की मजबूरी समझनी जरूरी है क्योंकि ऐसे हालात बाजार में पहली बार हुए हैं। देखते हैं नाइकी और बीसीसीआई की डील का क्या होता है।

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