चीन ने US की चिप के इस्तेमाल पर लगाया बैन

चीन

वाशिंगटन। चीन ने राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिमों का हवाला देते हुए देश में अमेरिका स्थित माइक्रोन टेक्नोलॉजी के  चिप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया। इस पर अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने भी चिंता जाहिर की है। साथ ही उन्होंने प्रतिबंध का विरोध किया है। कहा जा रहा है कि जी-7 शिखर सम्मेलन में जारी एक संयुक्त बयान से तिलमिलाकर चीन ने ये कदम उठाया है।
गौरतलब है, चीन और अमेरिका के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है। इस बीच, अमेरिकी चिप निर्माता के खिलाफ चीन ने रविवार को बड़ा कदम उठाया है। साइबरस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ चाइना (CAC) ने बताया कि समीक्षा में पाया गया कि माइक्रोन के उत्पादों में गंभीर नेटवर्क सुरक्षा जोखिम हैं, जो चीन की महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना आपूर्ति श्रृंखला के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा जोखिम पैदा करते हैं। इससे चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित होती है।

इस पर, अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने कहा कि यह उन प्रतिबंधों का दृढ़ता से विरोध करता है, जिनका वास्तव में कोई आधार नहीं है। हम अपनी स्थिति का विस्तार करने और उनकी कार्रवाई को स्पष्ट करने के लिए पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) के अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे। वहीं उन्होंने चीन के कार्यों के कारण मेमोरी चिप बाजार की विकृतियों को संबोधित करने के लिए सहयोगियों के साथ काम करने की भी बात कही। बता दें, अमेरिका में मेमोरी चिप्स के सबसे बड़े निर्माताओं में से एक माइक्रोन है।

CAC की ये घोषणा वाशिंगटन और बीजिंग के बीच चल रहे विवाद में एक और घटनाक्रम है। जिसमें अमेरिका द्वारा चीन के चिप बनाने वाले उद्योग के खिलाफ कई उपायों को लागू करना शामिल है। बता दें कि साइबरस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ चाइना की ये घोषणा जापान में G7 नेताओं की बैठक के एक दिन बाद हुई। इस बैठक के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया गया था। इसमें चीन की आलोचना करते हुए कहा गया था कि वह अपने व्यवहार में परिवर्तन लाए।

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