रामदेव की पलटी, कोरोना की दवा बनाने के दावे से पीछे हटे - Bichhu.com

रामदेव की पलटी, कोरोना की दवा बनाने के दावे से पीछे हटे

हरिद्वार, बिच्छू डॉट कॉम। पतंजलि योग पीठ कोरोना वायरस की दवा बनाने के अपने दावे से पीछे हट गया है। पतंजलि ने दावा किया था कि उसकी दवाई कोरोनिल से कोरोना वायरस का इलाज संभव है। पतंजलि योग पीठ ने सोमवार को उत्तराखंड आयुष विभाग की ओर से भेजे गए नोटिस का जवाब दिया। आयुष विभाग को भेजे जवाब में पतंजलि अपने पूर्व दावों से पलट गया है। बता दें कि पिछले मंगलवार को कोरोनल की लांचिंग के दौरान योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने कोरोनिल, श्वसारि बटी और अनु तेल से कोरोना के उपचार का दावा किया था। इस पर 24 जून को उत्तराखंड आयुष विभाग ने पतंजलि को नोटिस जारी किया था। लेकिन अब पतंजलि अपने इस दावे से पलट गया है।
गौरतलब है कि योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने हरिद्वार में प्रेस कांफ्रेंस कर कोरोनिल नामक इस आयुर्वेदिक दवा के बारे में विस्तार से बताया था। इस दौरान बाबा रामदेव ने पतंजलि आयुर्वेद की औषधि दिव्य कोरोनिल टेबलेट के कोरोना संक्रमित मरीजों पर क्लीनिकल ट्रायल के परिणामों की घोषणा भी की थी। यहां पतंजलि योगपीठ की ओर से दावा किया गया है कि कोरोना टेबलेट पर हुआ यह शोध पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट हरिद्वार और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस जयपुर के संयुक्त प्रयासों से किया गया। बाबा रामदेव ने उस समय बताया था कि इस दवा में सिर्फ देसी सामान का इस्तेमाल किया गया है। इस दवा में मुलैठी, काढ़ा समेत गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी, श्वासरि का इस्तेमाल किया गया है।
ेकहा-कभी इलाज की बात नहीं की
बहरहाल अब उत्तराखंड आयुष विभाग द्वारा भेजे गए नोटिस के जवाब में पतंजलि अपने इस दावे से पलट गया है। बताया जा रहा है कि पतंजलि ने जवाब में ये लिखा कि उसने कभी भी कोरोना के इलाज का दावा नहीं किया। उसने केवल आयुर्वेद औषधि कोरोनिल टेबलेट के कोरोना संक्रमित मरीजों पर क्लीनिकल ट्रायल के परिणामों की जानकारी दी। इस औषधि के उपयोग से कोरोना संक्रमितों पर काफी सकारात्मक असर हुआ था।

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