पुजारियों का ये बेटा कमा रहा बॉडीबिल्डिंग में नाम, पुरखों ने चटाई थी मुगलों को धुल - Bichhu.com

पुजारियों का ये बेटा कमा रहा बॉडीबिल्डिंग में नाम, पुरखों ने चटाई थी मुगलों को धुल

बिच्छू डॉट कॉम

कहा जाता है कि एक्टर का बेटा एक्टर और डॉक्टर का बेटा डॉक्टर ही बनता है। और खासकर अगर किसी का परिवार लम्बे समय से किसी मंदिर के मुख्य पुजारी रहे हों, तो ये परंपरा बरसों तक चलती ही रहती है। मगर पुजारियों के ऐसे ही एक परिवार के बेटे ने ठानी कि वे न सिर्फ बॉडी बिल्डिंग करेंगे बल्कि इस क्षेत्र में देश का भी नाम रोशन करेंगे। परिवार के सहयोग से उन्होंने ये सपना पूरा किया और आज सारा देश अनिल गोच्छिकर को विश्व विख्यात बॉडी बिल्डर के रूप में जानता है जिन्होंने 2016 में भारत को गोल्ड जिताया था।

कहा जाता है कि अनिल गोच्छिकर का परिवार कई पीढ़ियों से प्रभु जगन्नाथ की पूजा कर रहा है। इनके वंश के लोगों को प्रभु जगन्नाथ का अंगरक्षक कहलाना पसंद है। ये भी कहा जाता है कि मंदिर में पुराने काल में समय-समय पर आक्रमण हुए हैं। ऐसे समय में इन्हीं के परिवार के लोगों ने मंदिर के विग्रहों की सुरक्षा की है।

बता दें कि जगन्नाथपुरी मंदिर पर अबतक 17 बार आक्रमण हो चुके हैं। हर बार यहां के पुजारियों ने अपनी जान पर खेलकर विग्रहों को छिपाकर इनकी रक्षा की है। अनिल इन्हीं पुजारियों की वंश परंपरा के हैं। अनिल के परिवार की पहचान यूं तो प्रभु जगन्नाथ के अंगरक्षक के रूप में भी है, लेकिन, मंदिर के सेवायतों की व्यवस्था के बीच उन्हें प्रतिहारी सेवायत के नाम से जाना जाता है। वे पुरी में ही अपने पूरे परिवार के साथ रहते हैं।

किसी हीरो से कम नहीं
अनिल की बॉडी ही नहीं उनके लुक्स भी शानदार हैं। उन्हें एक नज़र में देखकर लगता है जैसे वे किसी एक्शन फिल्म के हीरो हैं। हालांकि बॉडी बिल्डिंग के बाद जो समय बचता है उसमे अनिल मंदिर के पुजारी की भूमिका ही निभाते हैं। पुजारियों में वे सबसे ज़्यादा पॉपुलर हैं।

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