चंद्र देव को प्रसन्‍न कर प्राप्त करें उनकी कृपा - Bichhu.com

चंद्र देव को प्रसन्‍न कर प्राप्त करें उनकी कृपा

Rejoice Chandra Dev and get her blessings

सत्व गुण प्रधान व मन का स्वामी या कारक चंद्रमा की भूमिका व्यक्ति के जीवन में अहम भूमिका निभाती है। जातक के जन्म से ही उसकी जन्मकुंडली में कालपुरूष के स्थान निर्धारित हो जाते हैं। आत्मा रवि: शीतकरस्तु चेत: सूर्य आत्मा का व चंन्द्र मन का कारक कहा गया है। अक्सर देखा गया है कि ऐसे व्यक्तियों की चंचलता कभी-कभी आनन्दप्रिय, तो कभी अप्रिय लगने लगती हैं। इसका वास्तविक कारण चंद्र ही होता है। ऐसे में इनके लिए ये बेहद जरूरी होता है कि ऑफिस, परिवार, आस-पड़ोस आदि कई व्यक्तियों से थोड़ा संभल कर बात करें। इनकी बातें कभी-कभी अखर ही जाती हैं, क्योंकि ये बातों-बातों में ही बहुत कुछ खरा-खोटा कह देते हैं। चंद्र देव को रिझाने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं। उन्‍हें अपनाने से न केवल चंद्र देव प्रसन्‍न होते हैं, बल्कि आपको आशीर्वाद भी देते हैं।

चंद्र की पहचान

ज्योतिष की दृष्टि से कुण्डली में शुभ ग्रहों से युक्त चंद्र (बुध, गुरू, शुक्र), स्वयं के घर (कर्क राशि) में, उच्च (वृषभ राशि ) में व 3 अंश, आदि में जातक को चंचल प्रवृत्ति का बनाता है, लेकिन कुण्डली में विभिन्न राशियों का चन्द्र अपना प्रभाव भी भिन्न ही देता है। इतना ही नहीं, यदि आत्मा व मन के कारक सूर्य व चन्द्र दोनों ही बली (बल से युक्त) हों, तो उन्हें नेतृत्व शक्ति का कार्य भी सौंपा जाता है, चाहे जातक किसी भी क्षेत्र से अपनी पहचान रखता हो, मगर चन्द्र के शुभ प्रभावों से वह सफलता हासिल कर ही लेता है।

अशुभ चन्द्र के प्रति हों नतमस्तक

अशुभ चंद्र व्यक्ति के जीवन में आनन्द की अनुभूति में कमी लाता है। वहीं द्विसभाव राशि के साथ चंन्द्र का होना भी कुछ अशुभ है, क्योंकि व्यक्ति निर्णय लेने के बाद भी उसे बदलने की सोचता रहता है, लेकिन मिले हुए कार्य को शीघ्रता के साथ पूर्ण कर ही लेते हैं। अशुभ चंद्र क्रोध को आमंत्रण तो देता ही है, पानी से संबंधी रोग भी पैदा करता है।

चंद्र के कुप्रभावों से बचने के लिए ये करें उपाय

– मोती धारण करें, चांदी की धातु में 2 या 4 रत्ती का।
– पुरुष पहनने में सफेद कपड़ों का प्रयोग करें।
– महिलाएं सफेद रूमाल रखें।
– यथा शक्ति चावल, चीनी, दही, श्वेतवस्त्र, श्वेतपुष्प, मोती, कपूर का दान करें।
– प्रति दिन भगवान शिव पर दूध चढ़ाएं।
– चन्द्र के मंत्रों का जाप करें।

चन्द्र की दशा में प्राप्ति सर्वसुलभ

दशाचान्द्री भूयात्कलयति विभूतिअंजनिवतां चन्द्र की दशा में शुभ चंन्द्र ऐश्वर्य, वस्त्र, धन में वृद्धि कराता है। शादी होना, आभूषण खरीदना, धार्मिक कार्यों में रूचि उत्साह, हास्य-विनोद व सहज ही आनन्द की प्राप्ति करवाता है, लेकिन अशुभ चन्द्र इन सभी के कहीं-कहीं विपरीत भी देखा जा सकता है। चन्द्र की दशा के दौरान अशुभ चंद्र को शुभ करके उसके अशुभ प्रभावों से बचा जा सकता है।

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